Loan कितने प्रकार के होते हैं

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Last updated on May 7th, 2026 at 09:41 am

दोस्तों आप सब ने कई बार लोन लिया होगा। अब मन प्रश्न उठता होगा कि लोन कितने प्रकार होते हैं और साथ ही साथ लोन लेने के लिए मुख्य डॉक्यूमेंट की आवश्यकता क्या क्या होती है? और क्या लोन किसी भी व्यक्ति को मिल सकता है। मन में उठते रहते हैं इन सब सारे प्रश्नों का उत्तर इस लेख में दिया जाएगा। हम सब जीवन में कभी न कभी लोन जरूर लेते हैं। क्योंकि लोन की आवश्यकता इसलिए पड़ती है की  अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जिसके परिणाम स्वरूप हम सब इसके बाद अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर पाते हैं ।लेकिन जो लोन का इतिहास है वह बहुत पुराना है ।क्योंकि पहले के समय में पुराने साहूकार के पास अपनी सम्पत्ति को गिरवी रख के लोन लेते है। लोन चुका नहीं पाते थे। साहूकार उनके जमीन को हड़प लेते थे। क्योंकि साहूकार द्वारा जो लोन दिया जाता था उसका ब्याज दर बहुत ही ज्यादा था। उसको चुकाने में किसान के हौसले पस्त हो जाते है।इसीलिए धीरे-धीरे आधुनिक काल में बैंकिंग सेक्टर का विकास हुआ। इस बैंकिंग सेक्टर के माध्यम से अब लोन कम ब्याज दर पर दिया जा रहा है ।अब ऐसे में प्रश्न उठना लाजमी है कि बैंक हमें कितने प्रकार का लोन देता है।

समय अवधि के आधार पर लोन तीन प्रकार का होता है

(1)अल्पकालिक अवधि के लिए लोन

  • अल्पकालिक अवधि लोन वह लोन होता है जहां पर लोन की राशि एक वर्ष से कम के लिए दिया जाता है अर्थात किसी व्यक्ति को यदि ₹1000 दिया गया है तो उसको 1 साल के अंदर लोन की राशि देना रहेगा अन्यथा उसके ऊपर लोन का 10 परसेंट लगाया जाएगा।

(2) मध्यकालिक अवधि के लिए लोन

  • मध्यकालिन अवधि लोन वह लोन होता है जहां पर लोन की राशि 1 वर्ष से 3 वर्ष के लिए दिया जाता है अर्थात लोन की राशि को 3 वर्ष के अंदर लौटाना रहता है अन्यथा जुर्माना आरोपित किया जा सकता है।

(3) दीर्घकालिक अवधि के लिए लोन

  • दीर्घकालिक अवधि लोन वह लोन होता है जहां पर लोन की राशि 5 वर्ष से अधिक समय के लिए दिया जाता है अर्थात लोन की राशि को आप 5 वर्ष से अधिक समय के बाद लौटा सकते हैं।

बैंक हमें कितने प्रकार का लोन देता है?

(1) पर्सनल लोन क्या है ?

  • पर्सनल लोन का मतलब होता है व्यक्तिगत लोन अर्थात अपने लिए लिया गया लोन अपने निजी कार्यों के लिए जैसे कि एजुकेशन लोन और साथ ही साथ बच्चों को गिफ्ट देना हो और कोई महंगी कार खरीदना हो इन सब के लिए पर्सनल लोन लिया जाता है मार्केट में पर्सनल लोन की मांग ज्यादा है ।पर्सनल लोन लेने के लिए दस्तावेज की आवश्यकता रहती है। जैसे कि पैन कार्ड और और आधार कार्ड लिया जाता है ।भारत में पर्सनल लोन का ब्याज दर भारतीय स्टेट बैंक जो भारत का सबसे बड़ा बैंक है वह 12.50 परसेंट की दर से लेकर 16.44 परसेंट तक का इंटरेस्ट लेता है ,इंटरेस्ट रेट सालाना है। और कमर्शियल बैंक जैसे एचडीएफसी 11% से लेकर 19.99 परसेंट इंटरेस्ट रेट लेता हैं सालाना स्तर पर। सामान्य व्यक्ति को आसानी से पर्सनल लोन नहीं मिल पाता है क्योंकि पर्सनल लोन के लिए बहुत सारे डॉक्यूमेंट की मांग की जाती हैं। मैंने तो आपको उपर्युक्त में जो डॉक्यूमेंट बताया है जो मुख्यतः मांगा जाता है वैसे यदि आप अनौपचारिक सेक्टर से संबंधित हैं तब आप से डॉक्यूमेंट के तौर पर आपके घर का कागज और आपकी खेत का कागज आदि मांगा जाता है ।यह बैंक का नियम है क्योंकि बैंक कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है।

(2) गोल्ड लोन क्या है ?

  • गोल्ड लोन वह गोल्ड लोन होता है जहां पर व्यक्ति गोल्ड को बैंक लॉकर में रख कर बैंक से लोन की प्राप्ति करता है। गोल्ड लोन गोल्ड की गुणवत्ता और प्युरिटी पर निर्भर करता है ।क्योंकि यदि गोल्ड 24 कैरेट का है तब आपको लोन की राशि बढ़ा दी जाएगी।  बैंक गोल्ड की राशि का 80 परसेंट ही लोन देता है अर्थात यदि किसी बैंक में ₹10000 कीमत का गोल्ड बैंक लॉकर में रखा गया हो तब उसे बैंक ₹8000 देगा। सिर्फ 80% और इस पर लगने वाला ब्याज दर पर्सनल लोन की अपेक्षा बहुत कम है ।भारतीय स्टेट बैंक गोल्ड लोन पर 11 परसेंट इंटरेस्ट रेट सालाना चार्ज करता है। और साथ ही साथ एचडीएफसी बैंक 10% इंटरेस्ट रेट सलाना चार्ज करता है ।और आपको यह भी भय नहीं रहेगा कि आपका गोल्ड सुरक्षित रहेगा।

(3) सिक्योरिटी पर मिलने वाला लोन क्या है ?

  • सिक्योरिटी पर मिलने वाला लोन वह लोन होता है जहां पर सिक्योरिटी के तौर पर शेयर मार्केट और साथ ही साथ म्यूच्यूअल फंड और बांड में निवेश किए गए पैसे का जो सिक्योरिटी आपको मिलती है। आप उसे बैंक में गिरवी रख के लोन प्राप्त कर सकते हैं ।यदि आप समय पर लोन नहीं चुकाते हैं तो बैंक आपके सिक्योरिटी पेपर को बाजार में बेच करके अपने पैसे की उगाही कर लेगा और आप कुछ नहीं कर पाएंगे ।और साथ ही साथ इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सिक्योरिटी पर मिलने वाले लोन पर आपको ओवरड्राफ्ट की सुविधा मिलती है अर्थात आप अपने जीरो बैलेंस हो तब भी आप पैसा निकाल सकते हैं। मेरे कहने का आशय यह है कि यदि किसी व्यक्ति ने सिक्योरिटी पेपर रखकर करके बैंक से लोन लिया है। तब व्यक्ति के खाते में यदि ₹1 भी नहीं है तब भी वह पैसे का लेनदेन कर सकता है।

(4)प्रॉपर्टी लोन क्या है ?

  • इस लोन को प्राप्त करने के लिए आपको अपने प्रॉपर्टी जैसे घर का कागज और साथ ही साथ खेत का कागज और अपने कंपनी के कागज को गिरवी रख के लोन प्राप्त कर सकते हैं ।यह लोन आपको अधिकतम 15 वर्षों के लिए मिलता है ।ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह एक प्रकार का दीर्घकालिक अवधि लोन है। और साथ ही साथ बैंक आपकी प्रोपर्टी के कुल मूल्य का 40% से लेकर 50% तक लोन देता है। अर्थात यदि आपकी प्रोपर्टी का मूल्य ₹10000 है ।तब बैंक आपको सिर्फ 4000 या ₹5000 दे सकता है क्योंकि बैंक का नियम यही है।

(5)होम लोन क्या होता है ?

  • कई व्यक्ति ऐसे होते हैं जो अपना शहर में एक सुंदर सा घर बनाना चाहते हैं या तो घर पुराना हो गया है इसको तुड़वाकर करके  नए तरीके से और नए ढंग से घर बनाना चाहते हैं। और साथ ही साथ घर खरीदना चाहते हैं। इसके लिए होम लोन की सुविधा दी गई है। होम लोन में आपको सारे खर्चे इंक्लूड करके दिए जाते हैं। अर्थात जैसे रजिस्ट्रेशन स्टांप ड्यूटी का खर्च ही क्यों न हो इंक्लूड किया जाता। और ध्यान देने योग्य बात यह है कि बैंक आपको घर बनाने के लिए 70 परसेंट से लेकर 80 परसेंट तक का लोन देता है ।और बाकी पैसे का प्रबंध आपको ही करना पड़ेगा। मान लीजिए आपने एक ₹2000000 का प्लॉट लिया है। अब आपको उस पर घर बनवाना है। तब आपको इसके लिए 20 लाख का 30% बैंक में रखना पड़ेगा उसके बाद बैंक आपको घर बनने में जितना भी रुपया खर्च होगा वह कुल मूल्य का सिर्फ 80 परसेंट ही वहन करेगा।

(6)एजुकेशन लोन क्या है ?

  • एजुकेशन लोन वह लोन होता है जब किसी विद्यार्थी को किसी विश्वविद्यालय में पढ़ने की आवश्यकता होती है। अर्थात विदेश जाकर क्योंकि भारत में बहुत सारे ऐसे बच्चे हैं। जिनके पास प्रतिभा है। लेकिन पैसे के अभाव के कारण वह अपनी प्रतिभा को राष्ट्र निर्माण में कोई लाभ नहीं दे पाते हैं। क्योंकि कोई भी यदि ऑक्सफोर्ड या हावर्ड यूनिवर्सिटी पढ़ने के लिए सोचता है तो वंहा रहकर  खाने और साथ ही साथ फीस का नाम सुनकर दंग रह जाता है। क्योंकि वहां रहकर पढ़ने के लिए बहुत सारा पैसा खर्च होता है। और भारत का कोई भी मध्यम वर्गीय परिवार इतने पैसे का भार नहीं वाहन कर सकता है। इन्हीं सब के नाते भारतीय स्टेट बैंक में एजुकेशन लोन देना प्रारंभ किया है। जिसके तहत यदि आप 7.50 लाख से ज्यादा लोन लेते हैं। तब आपको 10.35 परसेंट ब्याज दर यदि 7.50 से कम लोन लेते हैं तब आपको 9.95% ब्याज लगेगा। ध्यान देने योग्य बात यह है कि बैंक इस आधार पर लोन  देता है कि स्टूडेंट के पिता की सैलरी क्या है? और  साथ ही साथ प्रॉपर्टी का मूल्य क्या है ?या तो एक मानक यह मानता है कि स्टूडेंट जिस यूनिवर्सिटी में जा रहा है उस यूनिवर्सिटी का परफॉर्मेंस ग्लोबल स्तर पर कैसा है? क्योंकि भविष्य में लोन चुकाना भी तो है। बैंक और कोई रिस्क नहीं लेना चाहता है कि उसका पैसा डूब जाए इन्हीं समस्याओं के नाते बैंक से लोन लेने के लिए ग्राहक की आवश्यकता होती है।

(7) वाहन लोन क्या है ?

  • वाहन लोन वह लोन होता है। जब कोई व्यक्ति कार खरीदने या कोई दो पहिया वाहन खरीदने के लिए लोन लेता है। बैंक वाहन खरीदने के लिए या तो फिक्स रेट पर लोन देता है या तो फ्लोटिंग रेट पर लोन देता है ।अब आपके मन में उठ रहा होगा कि फिक्स रेट क्या है? आपको बता दें कि जिस समय आप वाहन लोन ले रहे हैं उस समय जो ब्याज दर है उसी ब्याज दर से वाहन लोन को चुकाया जाएगा ।चाहे भविष्य में ब्याज क्यों ही ना बढ़ जाए ।लेकिन फ्लोटिंग रेट हुआ रेट होता है यदि रेट घट जाए या बढ़ जाए उसके अनुसार इंटरेस्ट लिया जाता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि वाहन लोन में जब तक आप वाहन का पूरा लोन बैंक को चुका नहीं देते हैं तब तक वाहन का मालिकाना हक बैंक के पास रहेगा।

(8) कारपोरेट लोन क्या है ?

  • कारपोरेट लोन वह लोन होता है जब बड़े-बड़े उद्योगपति लोन लेते हैं। जैसे कि बिल गेट्स ,एलन मस्क और साथ ही साथ मुकेश अंबानी और आनंद महिंद्रा जैसे उद्योगपति लोन लेते हैं। पहले बैंक अपने कुल कैपिटल का 55 परसेंट उद्योगपतियों को लोन देता था अर्थात यदि बैंक की कुल पूंजी ₹100 है तो बैंक उद्योगपतियों को ₹55 तक लोन देती थी। लेकिन जब से नीरव मोदी और साथ ही साथ विजय माल्या ने  बैंकों से लोन लोन लेकर फरार हो गए हैं। और बैंक द्वारा उन्हें दिवालिया घोषित कर दिया गया है ।अब बैंक अपने कोर कैपिटल का वर्तमान में उद्योगपति को 25 परसेंट ही लोन देती है अर्थात अब सिर्फ उद्योगपति को ₹25 का ही मिलेगा बैंक के कुल कोर कैपिटल की पूजी यदि ₹100 हो तब।

FAQS

1) पर्सनल लोन कितने प्रकार का होता है

पर्सनल लोन में वैवाहिक लोन और साथ ही साथ घर का नवीनीकरण के लिए लोन और हॉलीडे लोन शामिल है।

(2)बैंक लोन क्या है ?

जब आपको कोई चीज खरीदने के लिए बड़ी मात्रा में पैसे की आवश्यकता रहती है। तब आप बैंक से लोन ले सकते हैं। और अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति कर सकते हैं ।यदि आपका परिवार वित्तीय संकट की स्थिति का सामना कर रहा है ।और आपको अपना परिवार संभालना है। तब इसके लिए आप बैंक लोन लेकर कोई छोटा मोटा व्यवसाय का प्रारंभ करके इस आपदा की स्थिति को टाल सकते हैं। और अपने परिवार की आजीविका बड़ी आसानी से चला सकते हैं।

(3) बैंक से लोन कैसे लें?

बैंक से लोन लेने के लिए सबसे पहले आप बैंक के किसी ब्रांच में जाइए। ब्रांच में जाने के बाद वहां से पर्सनल लोन लेने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म ले। उस एप्लीकेशन फॉर्म में अपना नाम जन्म तिथि और साथ ही साथ अपने घर का पूरा पता और आप की इनकम कितनी है। और साथ ही साथ आधार कार्ड और पैन कार्ड की जेरोक्स कॉपी को इस एप्लीकेशन फॉर्म के साथ संलग्न करके जमा कर सकते हैं।

(4)लोन क्या होता है ?

लोन का हिंदी में अर्थ होता है ऋण अर्थात जब किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को कुछ पैसे ब्याज के एवज में दिया जाता है उसे ऋण कहते हैं अर्थात उसे ही लोन कहते हैं। लोन प्राचीन समय में साहूकार देते थे ।लेकिन वर्तमान समय में बैंक के अलावा गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी भी लोन देती है।

(5) मुद्रा लोन क्या है ?

भारत में सूक्ष्म एवं लघु मध्यम उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए मुद्रा लोन की संकल्पना की गई है अर्थात भारत में ऐसे छोटे छोटे कारोबारी हैं जिन्हें अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए लोन की आवश्यकता होती है इन्हीं सब हितों की पूर्ति के लिए मुद्रा लोन लाया गया है।

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Vipin Jaiswar main ek Tech enthusiast aur finance blogger hoon, jo filhal Mahatma Gandhi Kashi Vidyapeeth (MGKVP) se BCA kiye hai, aur MCA ki taiyari hai. Loan Loading ke zariye mera maksad logon ko digital loans aur financial services ki sahi aur surakshit jankari dena hai. Main jatil (complex) finance topics ko saral bhasha mein samjhane ka prayas karta hoon.