Equifax vs CIBIL: भारत में कौन-सा क्रेडिट स्कोर ज़्यादा ज़रूरी है?

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आज के दौर में लोन लेना हो, क्रेडिट कार्ड बनवाना हो या कोई बड़ी वित्तीय योजना बनानी हो, हर जगह एक चीज़ सबसे पहले पूछी जाती है: आपका क्रेडिट स्कोर। लेकिन अक्सर लोग इस बात को लेकर भ्रमित रहते हैं कि Equifax स्कोर और CIBIL स्कोर में क्या फर्क है, और बैंक किसे ज्यादा अहमियत देते हैं।

आइए इसे सरल भाषा में समझते हैं।

क्रेडिट स्कोर होता क्या है?

क्रेडिट स्कोर एक 3 अंकों की संख्या होती है, जो 300 से 900 के बीच होती है। यह बताती है कि आप एक उधारकर्ता के रूप में कितने भरोसेमंद हैं। जितना ऊँचा स्कोर होगा, उतना बेहतर माना जाता है। आमतौर पर 700 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है।

Equifax क्रेडिट स्कोर क्या है?

एक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी है जो भारत में भी क्रेडिट रिपोर्टिंग सेवाएं प्रदान करती है। यह आपकी क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर 300–900 के पैमाने पर स्कोर तैयार करती है। खास बात यह है कि Equifax कई बार 7 साल या उससे अधिक पुराना डेटा भी अपनी गणना में शामिल कर सकता है।

CIBIL क्रेडिट स्कोर क्या है?

भारत की सबसे पुरानी और सबसे लोकप्रिय क्रेडिट रिपोर्टिंग एजेंसियों में से एक है। यह भी 300–900 के बीच स्कोर प्रदान करती है और आपकी विस्तृत क्रेडिट रिपोर्ट तैयार करती है, जिसमें भुगतान इतिहास, सक्रिय अकाउंट्स और बकाया राशि की जानकारी शामिल होती है। CIBIL आमतौर पर पिछले 2 साल के डेटा को अधिक प्राथमिकता देता है।

Equifax vs CIBIL — मुख्य अंतर

विषय CIBIL Equifax
स्थापना भारत की पहली CRA भारत की दूसरी प्रमुख CRA
डेटा अवधि मुख्यतः 2 साल 7+ साल तक
भुगतान विकल्प नेट बैंकिंग, कार्ड डिमांड ड्राफ्ट
स्कोर रेंज 300–900 300–900

दोनों एजेंसियाँ अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों से डेटा प्राप्त करती हैं, इसलिए दोनों के स्कोर में थोड़ा अंतर होना सामान्य बात है।

कौन-सा स्कोर ज़्यादा ज़रूरी है?

सच यह है कि दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। आज के ज्यादातर बैंक और NBFC केवल एक रिपोर्ट पर निर्भर नहीं रहते। वे आपकी पूरी वित्तीय प्रोफाइल को समझने के लिए कई क्रेडिट रिपोर्ट्स का विश्लेषण करते हैं।

अपना क्रेडिट स्कोर कैसे बेहतर करें?

  • EMI और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाएं
  • एक साथ कई लोन के लिए आवेदन न करें
  • क्रेडिट कार्ड लिमिट का 30% से कम उपयोग करें
  • पुराने और अच्छे क्रेडिट अकाउंट्स बंद न करें
  • अपनी क्रेडिट रिपोर्ट नियमित रूप से जांचते रहें

निष्कर्ष

CIBIL हो या Equifax, दोनों आपकी वित्तीय विश्वसनीयता को दर्शाते हैं। इसलिए किसी एक स्कोर की चिंता करने के बजाय अपनी पूरी क्रेडिट हेल्थ पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। नियमित भुगतान, जिम्मेदार उधारी और क्रेडिट मॉनिटरिंग जैसी अच्छी आदतें आपके स्कोर को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखती हैं।

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Vipin Jaiswar main ek Tech enthusiast aur finance blogger hoon, jo filhal Mahatma Gandhi Kashi Vidyapeeth (MGKVP) se BCA kiye hai, aur MCA ki taiyari hai. Loan Loading ke zariye mera maksad logon ko digital loans aur financial services ki sahi aur surakshit jankari dena hai. Main jatil (complex) finance topics ko saral bhasha mein samjhane ka prayas karta hoon.